Shiv bhajan
हरषाती चली गुण गाती चली चली पनिया
हरषाती चली गुण गाती चली चली पनिया भरण शिव नार रे सागर पे उतारी गागरिया। रुप देख के समुंद्र पूछे कौन पिता महतारी।कौन गाँव की रहने वाली कौन पुरुष घर नारी। धीरे-धीरे बोली गौरजा पाया है रुप अपार रे सागर पे उतारी गागरिया। हरषाती चली💐💐💐💐💐💐💐💐💐। राजा हिमाचल पिता हमारे मैनावती Read more…







