
गौरी के पुत्र गणेश तुम्हें प्रणाम करु।
काहे से तेरी करु रे आरती।
काहे की माला तुझे प्रणाम करु।
गौरी के पुत्र गणेश…।
धूप दीप से करु रे आरती।
फूलों की माला तुझे प्रणाम करु।
गौरी के पुत्र गणेश…।
काहे का तुझे तिलक लगाऊ।
काहे का तुझे भोग तुझे प्रणाम करु।
गौरी के पुत्र गणेश…।
लडुअन का तुझे भोग लगाऊ।
चंदन तिलक लगाउ तुझे प्रणाम करु।
गौरी के पुत्र गणेश…।
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