
गोकुल की कुंज गली मै एक नया
मनिहारा आया सै।
कोई चुड़ी पहर लो चुड़ी वो न्यु आवाज
लगा रहा सै।
भीतर तै रुकमण आई तु मैंने पहरा के जाइये हो।
थारै भीतर कोन्या आऊ तेरे सुसरे का डर लागै सै।
मेरा सुसरा घरा नहीं सै वो न्याय चुकावै पंचायत मै।
गोकुल की कुंज💐💐💐💐💐💐।
कोई चुड़ी पहर लो चुड़ी वो न्यु आवाज
लगा रहा सै।
भीतर तै रुकमण आई तु मैंने पहरा के जाइये हो।
थारै भीतर कोन्या आऊ तेरी सासु का डर लागै सै।
मेरी सासु घरा नहीं सै वा ताल बजावै किर्तन मै।
गोकुल की कुंज💐💐💐💐💐💐।
कोई चुड़ी पहर लो चुड़ी वो न्यु आवाज
लगा रहा सै।
भीतर तै रुकमण आई तु मैंने पहरा के जाइये हो।
थारै भीतर कोन्या आऊ तेरी नन्दल का डर लागै सै।
मेरी नन्दल घरा नहीं सै वा अर्जुन गलैया ब्याह राखी।
गोकुल की कुंज💐💐💐💐💐💐।
कोई चुड़ी पहर लो चुड़ी वो न्यु आवाज
लगा रहा सै।
भीतर तै रुकमण आई तु मैंने पहरा के जाइये हो।
थारै भीतर कोन्या आऊ तेरे राजा का डर लागै सै।
मेरा राजा घरा नहीं सै वो गऊ चरावन जा रहा सै।
मनिहारा भीतर आ गया उनै धरा टोकरा चौक मै।
मनिहारा चुड़ी पहरावै मीने मै कृष्ण दिखै सै।
मनिहारा हाथ छोड दे चुड़िया मै छलावा दिखै सै।
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