छुपते छुपाते आ गई रे कान्हा तेरी नगरिया।

तेरी नगरिया कान्हा तेरी नगरिया।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

बैठ रेल मे आ गई रे श्यामा।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

द्वारे पे बैठी सासुल हमारी।

खिड़की से कुद के आ गई रे कान्हा तेरी नगरिया।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

बैठ रेल मे आ गई रे श्यामा।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

पिछवाड़े खेले मेरा देवर।

उंगली दिखाय मै तो आ गई रे कान्हा तेरी नगरिया।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

बैठ रेल मे आ गई रे श्यामा।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

रस्ते मे मिल गई पड़ोसन हमारी।

बाते बनाए मै तो आ गई रे कान्हा तेरी नगरिया।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।

बैठ रेल मे आ गई रे श्यामा।

छुपते छुपाते💐💐💐💐💐💐।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *