Shiv bhajan
खड़ी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को।
खड़ी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को। ऊँ ऊँ ऊँ कह के रिझाए रही शिव को। सोने का लोटा गंगाजल पानी। बूंद बूंद गौरा चढाए रही शिव को। खड़ी खड़ी गौरा💐💐।ऊँ ऊँ ऊँ कह💐💐। बागों मे जाके गौरा फूल तोड़ लाई। गुथ गुथ माला चढाए रही शिव को। खड़ी खड़ी Read more…





