Shiv bhajan
बांझ मै क्यूँ रहगी ओ भोले।
बांझ मै क्यूँ रहगी ओ भोले। मैनै सास सुसर की सेवा करी ओ भोले। मैनै रातों दाबे पैर बांझ मै क्यूँ रहगी ओ भोले। मैनै बाहन बुआ का मान करा ओ भोले। मैनै भरा पाटड़े पै भात बांझ मै क्यूँ रहगी ओ भोले। मैनै जेठ जिठानी की कान करी ओ Read more…





