Ram bhajan
हे भिलनी तेरे आवैंगे भगवान रात नै सोइये मतना।
हे भिलनी तेरे आवैंगे भगवान रात नै सोइये मतना। बखत उठ के कुटिया झाड़ी । सारे जंगल मे देई बुहारी। हे भिलनी तु झाड़ बिछाले खाट-खाट ने ठाइये मतना। हे भिलनी💐💐💐💐💐💐💐💐💐। बखत उठ गंगा पै आई। गंगाजल की झारी भर लाइये। हे भिलनी तु पीले न दो घुट तीसरा पीइये Read more…







