
महिना पुरुषोत्तम का आया मेरे राम
मै माला फेरु हरि हर की।
गंगा नहाऊ जमना नहाए करु दीप का दान।
और त्रिवेणी मै करु इस्नान मै माला
फेरु हरि हर की।
महिना पुरुषोत्तम का💐💐💐💐💐।
जेठ महिने गर्मी भारी करु मै जल का दान।
मै तो प्याऊ लगाऊ मेरे राम मै माला
फेरु हरि हर की।
महिना पुरुषोत्तम का💐💐💐💐💐।
भूखों को मै भोजन कराऊ करु अन्न का दान।
मै तो संतो का करु सत्कार मै माला
फेरु हरि हर की।
महिना पुरुषोत्तम का💐💐💐💐💐।
बाहन भानजी न्योत जिमाऊ करु उनका सत्कार।
मेरा भरा रहे भण्डार मै माला
फेरु हरि हर की।
महिना पुरुषोत्तम का💐💐💐💐💐।
सारी सखिया भजन सुनाए जोड़े दोनों हाथ।
मेरे कर्म जाए मेरे साथ मै माला
फेरु हरि हर की।
महिना पुरुषोत्तम का💐💐💐💐💐।
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