
बइया पकड़ लो मेरी मेरे कृष्ण मुरारी।
इक वारी आ जा मुरली बजा जा ॥
ओ तेरे बिना नगरी अंधेरी हो
कृष्ण मुरारी मेरे कृष्ण मुरारी।
ओ बइया पकड़ लो…।
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
मक्खन चुराया तुने चैन चुराया ॥
ओ निंदियां चुराई मेरी हो
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
छम्म छम्म रोए तेरे गोकुल वाले ॥
ओ अखियां रोए मेरी हो
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
मट्टकियां तोड़े बहियां मरोड़े ॥
ओ सखियां दे चीर चुरावे हो।
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
गऊआं चरावे बंसी बजावे ॥
ओ दिलां दियां करता चोरियां हो
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
इक वारी आ जा रास रचा जा ॥
ओ सखियां देखे राह तेरी हो
मेरे कृष्ण मुरारी ।
ओ बइया पकड़ लो…।
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