एक भगतनी बालाजी का मन्दिर पूजन

चाल पड़ी।

हो बाबा मेरी लाज राखिये नाम रटु

तेरा घड़ी घड़ी।

सुबह उठ के नहा धो के ना मन्दिर खातिर

तैयार हुई।

इसी बिमारी नै तंग कर राखी चालनै तै

लाचार हुई।

हो बाबा मेरी लाज राखिये नाम रटु

तेरा घड़ी घड़ी एक भगतनी

बालाजी का💐💐💐💐💐💐💐💐।

भाड़ा मांग उधारा लयाई मन मै सोच

विचार रही।

कदे आवन मै देर लाग जा घरवाला

तकरार करै।

इतना मै घरवाला आ गयय-2

खड़ी सहम की सहम रही एक भगतनी

बालाजी का💐💐💐💐💐💐💐💐।

के धरो सै पाखंडा मै हे बाबा कै के

लयावागी।

इन बाता मै ढूंढ उजड़ जा मेरे तै भी

जावागी।

हाथ उठा के मारन लागयो-2।

जब बाबा की नजर पड़ी एक भगतनी

बालाजी का💐💐💐💐💐💐💐💐।

हाथ ऊपर को ऊपर रह गयो बडी अचरज

की बात हुई।

वैद डाक्टर सारा आ गया लागी एक दवाई

नहीं।

इसकी बिगड़ी नै कौन सुधारै-2

पाई ना कोई बुटी जड़ी एक भगतनी

बालाजी का💐💐💐💐💐💐💐💐।

चालो रै गौरी दोनों चाला।

उन भगता की जड़ मै बैठ के भजन

किर्तन गावांगे।

सवामणी का रोट लगावा लड्डू बाटा धड़ी

धड़ी।


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