
नैया लगा दो पार गुरु जी मेरी नैया
लगा दो पार।
इस नैया मे चार चोर है।
काम क्रोध मद लोभ गुरु जी मेरी
नैया लगा दो पार।
नैया लगा दो पार💐💐💐💐💐💐।
धर्मी धर्मी पार उतर गए।
पापी डुबे मझधार गुरु जी मेरी
नैया लगा दो पार।
नैया लगा दो पार💐💐💐💐💐💐।
डगमग डोल रही है नैया।
तुम ही खेवनहार गुरु जी मेरी
नैया लगा दो पार।
नैया लगा दो पार💐💐💐💐💐💐।
डूब रही जीवन की नैया।
तुम ही हो पतवार गुरु जी मेरी
नैया लगा दो पार।
नैया लगा दो पार💐💐💐💐💐💐।
नाव प्रभु अब तेरे हवाले।
हो जाए भव से पार गुरु जी मेरी
नैया लगा दो पार।
नैया लगा दो पार💐💐💐💐💐💐।
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