
मेरो मतना घुंघट खोल मटकिया
गिर जाएगी सावरिया।
मेरो रुप बडो अनमोल नजर मोहे लग
जाएगी सावरिया।
मै तो भोली भाली गुजरिया।
मत झटके मेरी चुनरिया।
मेरी काया खा रही झोल मटकिया गिर
जाएगी सावरिया।
मेरा मतना घुंघट💐💐💐💐💐💐।
कान्हा तु काला मै गोरी घनी।
मै तो ओढ पहन के बनी खड़ी।
मत आगे पीछे डोल मटकिया गिर
जाएगी सावरिया।
मेरा मतना घुंघट💐💐💐💐💐💐।
तेरो जादू मोपे नहीं चलेगो।
यो गुजरी प्रन से नहीं हिलेगी।
मेरो बज जाए घर मै ढोल मटकिया गिर
जाएगी सावरिया।
मेरा मतना घुंघट💐💐💐💐💐💐।
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