विष्णु बोले नारद जी तु घने दिना मै आया

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

नारद बोले सुनो हरि मैनै घर घर चक्कर लाये

बहु बेटा का राज देखा माँ बाप घने सताए।

वृद्धाश्रम भरे पड़े सै देख के दिल घबराया

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

विष्णु बोले नारद💐💐💐💐💐💐💐।

सड़क ऊपर मैनै रै देखी भूखी गऊ अरड़ाती

कूड़े कचरे मै मूह मारै थी झुठी रै पत्तल खाती।

गऊशाला के ढोंग रचाये जा सै चाम तराया

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

विष्णु बोले नारद💐💐💐💐💐💐💐।

हुक्के बार और बियर बार मै देखा रै मैनै चाला

अर्ध नग्न हो लड़की रै नाचै पहरै नोटा की माला।

मात पिता की कदर रही ना ना जाता हाल सुनाया

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

विष्णु बोले नारद💐💐💐💐💐💐💐।

गरीबा का खून चुसके रै मन्दिर फेर बनावै सै

झुठे तीर्थ धाम करै रै पापी भण्डारे लावै सै।

मुख मै राम छुरी सै बगल मै हाण्डै मूंड मूंडाये

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

विष्णु बोले नारद💐💐💐💐💐💐💐।

फेर भाज गया मै कुंभ मेला मै देखे भगत निराले

कजरारी आखया आली कन्या के थे सब मतवाले।

मांगेराम तु पुछ हरि तै मै तो जान बचा के आया

मृत्युलोक मे भेजा था रै उड़ै के देखन नै पाया।

विष्णु बोले नारद💐💐💐💐💐💐💐।

Categories: Ram bhajan

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