Geet
रोशनी खिली चौबारै मै हो उठो ना
रोशनी खिली चौबारै मै हो उठो ना पति भरतार। हे मैनै गुठा मोड़ जगाया के उठा पति तरारे मै हे मेरै मारे रहपटे चार के घर तै बाहर निकाल दई हे मेरै सात साल का लाल लाल नै हे लेके चाल पड़ी। हे मै आई ढैर कै बीच ढैर मै Read more…




