krishan bhajan
गंगा नहान गई थी ऐ रुकमण ऊठ पहर का तड़का
गंगा नहान गई थी ऐ रुकमण ऊठ पहर का तड़का हे कृष्ण जी की बाजी बासुरी मेरा कालजा धड़का। कह दिए री माँ पिता मेरे नै-2। कहिए ठोक बजा के हे कृष्ण गैलया ब्याह करावाऊ मेरा कालजा धड़कै। हे तु तो रै सुथरी घनी सै-2। कृष्ण का रंग काला हे Read more…



