यो कृष्ण चक्रधारी हे सखी मनमोहन गिरधारी हे सखी।

सतयुग मे हिरणाकुश मारा।

अपना भगत प्रहलाद बचाया।

करके खेल खिलारी हे सखी मनमोहन गिरधारी हे सखी।

यो कृष्ण…।

भेद पटा ना मेरे श्याम का।

त्रेता युग मै रुप राम का।

संग मे जनक दुलारी हे सखी मनमोहन गिरधारी हे सखी।

यो कृष्ण…।

कुब्जा के संग प्रीत की डोरी।

राधा वृषभानु की छोरी।

या लीला रच दी न्यारी हे सखी मनमोहन गिरधारी हे सखी।

यो कृष्ण…।

काली देह मै नाग नथाया।

यमुना तट पर रास रचाया।

फोड़ी जल की झारी हे सखी मनमोहन गिरधारी हे सखी।

यो कृष्ण…।


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