जग मै आइये दोबारा हो मोहन मुरली वाला।

कैसी धूम मची कलयुग मै।

पत्थर तिरन लाग रहा जल मै।

यो काल सोच रहा बेचारा हो मोहन मुरली वाला।

जग मै…।

नाचन लागा पाप जगत मे।

धर्म बैठ गया एक जगह मै।

जुल्म बजावै इकतारा हो मोहन मुरली वाला।

जग मै…।

बेटा बाप नै न्यु समझावै।

हुक्का खोस परै सरकावै।

तेरी आग ना घरनै बसावै।

काढैगा म्हारा दिवाला हो मोहन मुरली वाला।

जग मै…।

बहु सास नै न्यु समझावै।

घर का सारा नियम बतावै।

ना मानै तो राड़ मचावै।

बात करै ना दोबारा हो मोहन मुरली वाला।

जग मै…।

बहु बेटा तीर्थ पै जावै।

दान करै और धर्म कमावै।

घर मै मात पिता दुख पावै।

भूखे बैठे बेसहारा हो मोहन मुरली वाला।

जग मै…।

पोता दादा नै न्यु समझावै।

सुन मेरा दादा मत घबरावै।

ये दिन दो दिन ऐसे हि आवै।

मूल ब्याज दे दु सारा हो मोहन मुरली वाला

जग मै…।


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