भजन के बारे में

मज़ेदार छेड़छाड़ वाला कृष्ण भजन, जिसमें भक्त सांवरिया की ‘पोल खोलने’ की बात करती है — मामा के घर जन्म, दो मैया-दो बाप, कुंती बुआ, द्रौपदी बहन, सुभद्रा-अर्जुन और रुक्मिणी हरण की कथाएँ हँसी-मज़ाक के अंदाज़ में।

कब गाया जाता है: जन्माष्टमी और महिलाओं के कीर्तन व सत्संग में।

मुखड़ा (Hinglish): Tu bana phirai sardaar, pol teri kholungi Saawariya.

भजन के बोल

तु बना फिरै सरदार पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

सावरिया मेरे सावरिया सावरिया।

तु बिगड़ गया घनश्याम पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तुने मामा के घर जन्म लिया सावरिया।

तेरै दो मैया दो बाप पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तु बना…।

या कुन्ती तेरी बुआ लगै सावरिया।

कुवारी ने जाय दियो लाल पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तु बना…।

या द्रौपदी तेरी बहन लगै सावरिया।

या पाच पतिया की नार पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तु बना…।

तेरी छोटी बहन सुभद्रा है सावरिया।

 गई अर्जुन गैलया भाग पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तु बना…।

रुकमण की आई बारात गई सावरिया।

रुकमण नै लायो भगाए पोल तेरी खोलुंगी सावरिया।

तु बना…।


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