
गुरुदेव मेरे चरणों मे तेरे मेरा धाम रे तेरी वन्दना
गाऊँ सुबह शाम रे।
झुठी दुनिया झुठा बन्धन झुठी है ये माया।
झुठी सांस का आना जाना झुठी है ये काया।
रे सांचा तेरा नाम रे गुरुदेव मेरे…
गुरुदेव मेरे…।
मै तो हूँ मूर्ख अज्ञानी ज्ञान नहीं कुछ तेरा।
अपनी शरण मे ले-लो मुझको ध्यान धरु मै तेरा।
अपनी थाम रे गुरुदेव मेरे…।…।
विनती मेरी सुन लो गुरुवर मुझको ज्ञान बताओ।
मोहमाया मे भटक गई मै मुझको राह बताओ।
रटती रहू तेरा नाम रे गुरुदेव मेरे…।
गुरुदेव मेरे…।
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