
गुरु बिना हे या काया कोन्या काम की।
काया कोन्या काम की या माया कोन्या की।
गुरु बिना…।
गंगाजल की भरी हे बाल्टी।
नहावन आया हे या राम सिया जानकी।
राम सिया जानकी जय बोलो हनुमान की।
गुरु बिना…।
घिस घिस चंदन भरी हे कटोरी।
तिलक लगावै हे या राम सिया जानकी।
राम सिया जानकी जय बोलो हनुमान की।
गुरु बिना…।
पाट पिताम्बर टसरी की धोती।
पहरन आया हे ये राम सिया जानकी।
राम सिया जानकी जय बोलो हनुमान की।
गुरु बिना…।
मोती चूर मगज के लडडु ।
जीमन आया हे ये राम सिया जानकी।
राम सिया जानकी जय बोलो हनुमान की।
गुरु बिना…।
फूलों की सेज मोती झालर तकिया।
पोडन आया हे या राम सिया जानकी।
राम सिया जानकी जय बोलो हनुमान की।
गुरु बिना …।
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