Ekaadashi bhajan
गोविंद हरे गोपाल हरे मन भजो प्रभु दीनदयाल हरे।
गोविंद हरे गोपाल हरे मन भजो प्रभु दीनदयाल हरे। रोटी का दान मैंने भूखे को किया। मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ। गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐। पानी का दान मैंने प्यासे को किया था। मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ। गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐। कपड़ें का दान मैंने Read more…






