Shiv bhajan
बिन पिएँ नशा हो
बिन पिएँ नशा हो जाता है जब सुरत देखुँ भोले कि। भोले कि जटाओं मे गंगा है ।गंगा कि लहर मे खो जाऊँ जब सुरत देखुँ भोले कि। बिन पिएँ💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐। भोले के माथे पे चंदा है ।चंदा कि चमक मे खो जाऊँ जब सुरत देखुँ भोले कि। बिन पिएँ💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐। भोले Read more…








