Ram bhajan
कैसा सुन्दर मृग बणों मे चरने आया है
कैसा सुन्दर मृग बणों मे चरने आया है सुन्दर सींग नयन मतवाले। कोमल कान कमल से न्यारे। कैसा चित्र विचित्र विधाता ने रच के बनाया है। कैसा सुन्दर 💐💐💐💐💐💐💐💐। सिया ने माना अचम्भा मन मे। ऐसा मृग नहीं देखा वन मे। पकड़ो दीनानाथ मृग मेरे मन को भाया है। कैसा Read more…








