Ram bhajan
अँगूठी मोय साँच बतादे कहाँ पर छोडे लक्ष्मण राम।
अँगूठी मोय साँच बतादे कहाँ पर छोडे लक्ष्मण राम। एक दिन अवधपुरी दरबार। मार दए कैकेयी ने सब मान। वचन को निभाने वाले कहाँ पर छोड़े लछमन राम। अँगूठी मोहे💐💐💐💐💐💐💐💐। एक दिन जनकपुरी दरबार। मार दिए सब भूपन के मान। धनुष को तोड़नवाले कहाँ पर छोड़े लछमन राम। अँगूठी मोहे💐💐💐💐💐💐💐💐। Read more…







