
बडे अरमान ले मैया तेरे दरबार आई हूँ।
हरो संकट हरो पीडा मै आशा लेके आई हूँ।
बडे अरमान💐💐💐💐💐💐💐💐।
सुनी महिमा बहुत तेरी हरो अब पीड सब मेरी।
तेरा हि आसरा लेकर तेरे दरबार आई हूँ।
बडे अरमान💐💐💐।हरो संकट💐💐💐।
परेशान इस कदर मैया के लब पे ला नहीं सकती।
नहीं ताकत बताने कि तेरे दरबार आई हूँ।
बडे अरमान💐💐💐।हरो संकट💐💐💐।
हुई बेहाल दर दर से बना कोई नहीं मेरा।
बुझी है ज्योत आशा कि जलाने फिर से आई हूँ।
बडे अरमान💐💐💐।हरो संकट💐💐💐।
फसीं नैया भवरँ मेरी लगा दो पार अब मैया।
यही आशा लिए मन मे तेरे दरबार आई हूँ।
बडे अरमान💐💐💐।हरो संकट💐💐💐।
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