Shiv bhajan
पर्वत की ऊची चढाई रे भोले तेरे दर्शन को आई रे।
पर्वत की ऊची चढाई रे भोले तेरे दर्शन को आई रे। मै तो जल भर कलश ले आई रे । झाड़ो मे उलझती आई रे । सापं बिच्छू ने बहुत डराई रे मेरी गगरी छलकती आई रे। पर्वत की ऊची💐💐💐💐💐💐💐💐। मै तो चंदन केसर लाई रे। श्मशानो को देख घबराई Read more…



