Ram bhajan
सतगुरु खींच ले जंजीर काया मेरी तड़प रही सै।
सतगुरु खींच ले जंजीर काया मेरी तड़प रही सै। बालकपन मे खेला रै खाया।कपड़े झीरम झीर काया मेरी तड़प रही सै। सतगुरु💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐। आई रै जवानी बडा मसताया ।खाया हलवा खीर काया मेरी तड़प रही सै। सतगुरु💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐। आया रै बुढ़ापा बडा दुख पाया।कोने मै घैल गई खाट काया मेरी तड़प रही Read more…






