Ram bhajan
ये तो अंगूठी मुझे प्राणों से प्यारी
ये तो अंगूठी मुझे प्राणों से प्यारी। इसे कौन ले के आया इसे कौन ले के आया मेरे रघुवर की प्रीतम की। माता भी छोड़ी मैंने पिता भी छोड़े । छोड़ दई ये जनकपुरी बाबुल की। ये तो अंगुठी💐💐💐।इसे कौन💐💐💐। सासू भी छोड़ी मैंने ससुर भी छोडा। छोड दई ये Read more…








