Geet
हे मैनै आई नै हुए दिन चार झड़क
हे मैनै आई नै हुए दिन चार झड़क गई हाथा की चुड़ी। हेरी सासड़ गलिया मै फिरै मनिहार पहरा दे मिने की चुड़ी। हे बहु जड़ मै बसै हे लुहार पहर ले लोहे की चुड़ी। अहे मेरे छुट्टी आए भरतार महल मै दीया ना बाती। हे उसनै मारी बटैरी की Read more…

