shyam baba bhajan
आखों के आसु हर पल पुकारे आजा
आखों के आसु हर पल पुकारे आजा हारे के सहारे आजा हारे के सहारे। आजा हारे के सहारे आजा हारे के सहारे। गहरी नदी है तेज है धारा रात अंधेरी दूर किनारा। माझी बनकर के तु ही तो सबको पार उतारे आजा हारे के सहारे आजा हारे के सहारे। आस Read more…









