krishan bhajan
सिर पै घड़ा घड़े पै झारी-2
सिर पै घड़ा घड़े पै झारी-2 हुईं पनघट की राही जल भरनै देवकी आई। उरले पासै खड़ी देवकी। परले यशोदा माई जल भरनै देवकी आई। अपनी बाहन कै गले लाग के। हिलकी देके रोई जल भरनै देवकी आई। के दुख सै तैनै सास ननद का। के बालम धमकाई जल भरनै Read more…









