Geet
दिल्ली के परेनै एक गाँव बावड़ा
दिल्ली के परेनै एक गाँव बावड़ा पिता मेरे नै छोरा ढुंढा वो भी बावला। ठा धोगड़ पानी नै चाली छोरा मै बैठा सारे छोरे नहाए धोए सूर सा बैठा। पानी भर के उलटी आई गैल हो लिया पाछा फिर के देखन लागी रेल हो लिया। मै खड़ी तरवाने नै वो Read more…



