
आज एकादशी व्रत हूँ सावरिया।एकादशी महिमा सुना जाइयो।आज एकादशी व्रत हूँ सावरिया तुलसी कि महिमा सुना जाइयो। आज एकादशी व्रत हूँ सावरिया मुरली की तान सुना जाइयो।
ना मेरे सोना ना मेरे चांदी ।ना मेरे हीरा ना मेरे मोती । किसका दान करु मै सावरिया एकादशी महिमा बता जाइयो।
आज एकादशी व्रत …मुरली…।
ना मेरे गैयाँ ना मेरे बछिया ।किसका दान करु मै सावरिया एकादशी महिमा सुना जाइयो।
एकादशी व्रत…।
मेरे बहना ना मेरे बिटिया । किसका कन्यादान करु मै सावरिया एकादशी महिमा बता जाइयो।
एकादशी व्रत …।
जो तुलसा को नित नहलावे ।सुबह शाम नित दीप जलाए । कार्तिक मास नहावे सावरिया एकादशी महिमा बता जाइयो।
आज एकादशी…।
तुलसी शालिग्राम ब्याह जो करावे।कन्यादान परम फल पावे । वाहे जाए बैकुण्ठ सावरिया एकादशी महिमा सुना जाइयो।
आज एकादशी…।
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