तीजन चर्चा ऐ री चंदना हो रही जी।

ऐ जी कोए भयो है, शहर मै शोर सिर

बदनामी चंदना की हो रही जी।

भैया से भाभी चंदना की यू कहे जी।

ऐ जी कोए सुनो जी, राजा मेरी बात चिठ्ठियां

तो भेजो चंदना के सासरे जी।

धोले पै कालो राजा जी ने लिख दियो जी।

ऐ जी कोए दियो, डाकिया के हाथ चिठ्ठियां 

तो दीजो चंदना के ससुर को जी।

चिठ्ठियां तो लेके डाकिया चल दियो जी।

ऐ जी कोए पहुचों है ससुराल चिठ्ठियां तो 

दे दी चंदना के ससुर को जी।

चिठ्ठियां तो देखत सुसरा जी खुश होए जी।

ऐ जी कोए बाचत भए है अधीर तड़के तो

जाएंगे अम्मा मेरी सासरै जी।

कहाँ तो रखे है अम्मा मेरी कपड़े जी।

ऐ जी कोए कहाँ तो रखे है हथियार

तड़के तो जाएंगे अम्मा मेरी सासरै जी।

छीकत पहने लाला जी ने कपड़े जी।

ऐ जी कोई छीकत हम्बे कोई छीकत

 हुए असवार मोहे तो 

लाला चिंता तेरी जान की जी।

एक वन नाक्यो लाला जी ने दुसरो जी।

ऐ जी कोई तीजे वन, पहुंचे है जाय चंदा

उग आयो चंदना के मायके जी।

चंदन चौकी लाला जी को बैठनो जी।

ऐ जी कोई दूध, पखारु दोंनो पावं बहुत

दिना मै जमाई आयो पावना जी।

चावल रांधू जमाई जी को उजले जी।

ऐ जी कोई हरी ऐ, मूंग की दाल बहुत

दिना मै जमाई आयो पावना जी।

जीम झूठ के लाला जी खुश हुए जी।

ऐ जी कोई पोढन, ठोर बताओ बहुत

दूर से सासु आए पावड़ा जी।

ऊची अटरिया कुवरँ जी पोढिए जी।

ऐ जी कोई सीढी, लगी है सौ साठ

ऊची अटरिया चढते पग दुखे जी।

ऐ जी कोई अंगना, मे ही सो जाए।

ऊची अटरिया चढते पग दुखे जी।

आधी सी रात चंदना उठ गई जी।

ऐ जी कोई करके, सोलह श्रृंगार जाय 

जगायो समला सुनार को जी।

झटपट भाभी नै ननदेऊ जगा दियो जी।

ऐ जी कोई सुनियो ,ननदेऊ मेरी बात चंदना

तो गई है समला सुनार के जी।

झटपट पहने लाला जी ने कपड़े जी।

ऐ जी कोई धर जोगी का भेष अलख

जगायो समला सुनार के जी।

मोतियन थाल लेके चंदना आ गई जी।

ऐ जी कोई लेओ, जोगी के लाल दुआ तो

मनाइयो समला सुनार की जी।

मोती तो मेरे घर मै बहुत है जी।

ऐ जी कोई हमको तो, आशा कुछ

और हमको तो आशा नौलखा हार की जी।

हार उतार के चंदना ने दे दियो जी।

ऐ जी कोई ले लो, जोगी के लाल दुआ  

मनाइयो समला सुनार की जी।

तड़के तो होते ही लाला जी यू कहे जी।

ऐ जी कोई हम तो, जाएंगे गावं तड़के तो

लाला जी चल दिए गावं को जी।

मिलना हो तो अम्मा मेरी मिल लेओ जी।

ऐ जी कोई अब मिलने की बहार अब के

तो बिछड़े अम्मा मेरी ना मिले जी।

मिलना हो तो भाभी मेरी मिल लेओ जी।

ऐ जी कोई अब मिलने की बहार घुंघट

रोवै भाभी मन हसें जी।

एक वन नाक्यो चंदना ने दुसरो जी।

ऐ जी कोई तीजे वन, बैठे जाए झाड़

बिछोना राजा जी बैठिए जी।

कहां रे गढायो मैया और बाप ने जी।

ऐ जी कोई कहां रे, गढायो भैया भाभी

कहां रे गढायो समला सुनार ने जी।

लहंगा फरिया मैया और बाप ने जी।

ऐ जी कोई कंगना, गढाए भैया भाभी

हम क्या जाने समला सुनार को जी।

हार निकाल के राजा जी ने रख दियो जी।

ऐ जी कोई ले जोगी का लाल दुआ मनाइए

समला सुनार की जी।

पहली कटारी राजा जी ने मारी है जी।

ऐ जी कोई ले लई, घुंघटा की ओट

पहली कटारी राजा जी ने मारी है जी।

दूजी कटारी राजा जी ने मारी है जी।

ऐ जी कोई दूजी मै, तज दिए प्राण

एक चंदना की राजा जी ने दो करी जी।

काहे लीपो मैया मेरी आंगना जी।

ऐ जी कोई काहे को, गावे मंगला गीत

एक चंदना की राजा जी ने दो करी जी।

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