रै जिसी आज मिली थी देखी ना और लुगाई।

पतली सुथरी हूर कामनी केले कै ज्यु लरजै

गात।ऐकली पानी नै चाली दौरानी जिठानी

कोए ना साथ-2।

किस छोरे की हूर सै समझ मै ना आई बात।

बोल पड़ु तो मैनै डर लागै सै-2।

कदे कर दे ना हूर लड़ाई 

रै जिसी आज…।

कुएँ ऊपर पहुच लेन दे करुंगा दो चार बात।

खीच के दो चार डोल दोगड़ के मै गेरन दे।

जब पीउंगा पानी रै भाई बोल के पिलावेगी।

जब पकड़ुंगा हाथ रै भाई बोलै और बतलावेगी।

ना तो रै छोरा रहा भटकता-2

चेहरे पै छाई उदासी

रै जिसी आज…।

चार आंगल माथा चौड़ा माथे के मै बिंदी ला रही।

आडी टेडी मांग काढ रही मांग के मै रोली ला रही।

मोटे मोटे नैन नैना बीच स्याही ला रही।

पतले पतले होठ होठ ऊपर लाली ला रही।

डंग धरै तो भाई उठै झनकारा-2।

कर रुप घना चाला

रै जिसी आज…।

बाधवे की धूप लागै मेरा काल दिखै सै।

फर फर करता दखनी चीर मेरा दिखै काल भाई।

थोड़े दिन की आई रै भाइयों ताजा माल दिखै सै।

बोल पड़ु रै मैनै डर लागै सै-2।

रै कदे कर जा हूर लड़ाई

रै जिसी आज…।

पेट सुकड़मा छाती भरमा छाती ऊपर

धरे अनार ।पाक रहे सै दोनों दानें

दाना ऊपर चन्दरहार। दस मोरा का

पड़ा घाघरा गल मै कंठी हो सै चार।

बोल पड़ु रै मैनै डर लागै सै-2।

रै कदे कर जा हूर लड़ाई

रै जिसी आज…।

इस भजन की अन्य रिकॉर्डिंग

Categories: Geet

0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *