पति हो इसा शाल मंगा दे देखैगी दूनिया सारी।

इस शाल नै जब ओढुंगी इसमे नक्शे चार हो।

ताएसरा पितसरा मेरा जेठ थानेदार हो।

पति हो…।

इस शाल नै जब ओढुंगी इसमें गाँव साठ हो।

अंदिना मंदिना और बीच मै खुदाई हो।

केवड़ा चमेली रातरानी का मकान हो।

दिल्ली सुबा लालकिला रोहतक जिला पास हो।

कापसहेड़ा मोलाहेड़ा और महरौली कि लाट हो।

छावनी गुड़गांवा और पास मै सिरहोल हो।

कांगनहेड़ी छावला और सड़क पै स्कूल हो।

पति हो…।

इस शाल नै जब ओढुंगी घर मै मेरा राज हो।

हीटर पंखा रेडियो और घर का टेलीफोन हो।

जहाज का हवाई अड्डा रेल का इकतारा हो।

जहाज के चलाने वाले खुद मेरे भरतार हो।

इस शाल के ओढनै वाली मेरे बैरगी नार  हो।

पति हो…।

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