सीता पढने चली स्कूल कर्म की रेखा न्यारी सै।

रस्ते मै एक बाबा मिलैगा।

उसने देखा उसका हाथ कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

बारह साल बेटी राज करैगी।

बेटी चौदह बनवास कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

किसके संग बाबा राज कंरुगी।

बाबा किसके संग बनवास कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

पिता के घर बेटी राज करेगी।

बेटी पति के संग बनवास कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

तेरा पति हे बेटी राज करेगा।

तेरा दोबारा बनवास होवैगा।

बेटी बन मे जावै नन्दलाल कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

लवकुश की हे तु माता बनैगी।

फेर मिलेंगे तैनै राम विधाता।

बेटी धरती मै जाए समाए कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

तु धरती कै बीच समावै।

सारी प्रजा खड़ी लखावै।

बेटी कोए ना जावै तेरे साथ कर्म की रेखा न्यारी सै।

सीता पढने…।

Categories: Ram bhajan

0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *