
सावन मे झुलाओ झुला हमारे बाकेबिहारी को।
बाकेबिहारी को हमारी राधा प्यारी को।
सावन मे झुलाओ…।
निधिवन मे तो झुला झुले बाकेबिहारी जी।
दे झोटा सब ब्रजनारी हमारे बाकेबिहारी को।
सावन मे झुलाओ…।
फूलों के बंगले मे विराजे बाकेबिहारी जी।
मन भावन है श्रृंगार हमारे बाकेबिहारी का।
सावन मे झुलाओ…।
सब भगतो के प्यारे हमारे बाकेबिहारी जी।
गुण गाओ सब मिल आज हमारे बाकेबिहारी का।
सावन मे झुलाओ…।
सावन महिना तीज हरियाली झुले बिहारी जी।
राधे कृष्णा की जोड़ी कितनी प्यारी लागे जी।
सावन मे झुलाओ…।
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