रण मे मचल गई काली तेरी जय हो भवानी

तेरी जय हो भवानी तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।

हाथों मे खप्पर खड़ग विराजे।

और तलवार भुजा मे साजे।

गल मै मुण्डन माला डाली तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

धधक रहे नैना अंगारे अधरन बहे लहू के धारे।

लम्बी लम्बी जीभ निकाली तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

रुप भयंकर चाल मरोरा दानव चीखे चारों ओरा।

तु तो पी गई लहु की प्याली तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

रुप देख दानव दल भागे पीछे भैरव हनुमत आगे।

राहे कर रहे तेरी खाली तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

कौन क्रोध मे तुम्हें सम्भाले कोई नहीं जो तुम्हें मनावे।

तुम बिन कौन करे रखवाली तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

तब भोले तेरे चरण मे आए शिव शम्भु

माँ तुम्हें मनाए।

तुने भगतो की बिगड़ी बनाई तेरी जय हो भवानी।

रण मे मचल…।तेरी जय हो…।

रण मे मचल…।

Categories: Kali Bhajan

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