ओढी ओढी रे मैया जी ने लाल चुनरी।

लाल चुनरी गोटेदार चुनरी।

ओढी ओढी मैया💐💐💐💐💐💐।

सतयुग मे माँ जन्म लियो है शक्ति माँ कहलाई।

भोले संग मे ब्याह रचायो हवन मे गई समाई।

रोए रोए भोलेबाबा देख चुनरी।

ओढी ओढी रे💐💐💐💐💐💐💐।

त्रेता मे माँ जन्म लियो है सीता माँ कहलाई।

राम के संग मे ब्याह रचायो वन मे गई चुराई।

रोए रोए दोनों भाई देख चुनरी।

ओढी ओढी रे💐💐💐💐💐💐💐।

द्वापर मे माँ जन्म लियो है द्रौपदी माँ कहलाई।

पांडव संग मे ब्याह रचायो जुए मे गई हराई।

रोए रोए पाचों पांडव देख चुनरी।

ओढी ओढी रे💐💐💐💐💐💐💐।

कलयुग मे माँ जन्म लियो है वैष्णों माँ कहलाई।

भैरों बाबा पीछे पड़ गए गुफा मे गई समाई।

रोए रोए लांगुर भैरों देख चुनरी।

ओढी ओढी रे💐💐💐💐💐💐💐।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *