
नन्द की गऊएं चराने आ गए।
श्याम बंशी को बजाने आ गए।
कष्ट मीरा पे पड़ा था उस घड़ी।
श्याम अमृत को पिलाने आ गए।
नन्द …।
श्याम…।
कष्ट द्रोपद पर पड़े थे उस घड़ी।
श्याम साड़ी को बढ़ाने आ गए ।
नन्द…।
श्याम…।
कष्ट अर्जुन पे पड़े थे उस घड़ी।
श्याम गीता को सुनाने आ गए।
नन्द…।
श्याम…।
कष्ट नरसी पे पड़े थे उस घड़ी।
श्याम भात को भराने आ गए
नन्द…।
श्याम…।
कष्ट भगतो पे पड़े थे उस घड़ी।
श्याम दर्शन को दिखाने आ गए।
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