
भजन के बारे में
प्रार्थना भजन जिसमें भक्त भवसागर में डगमगाती अपनी नैया के लिए राम जी से सहारा और किनारा बनने की विनती करता है — इस दुनिया में कोई अपना नहीं, हरि आप ही हमारे बन जाओ।
कब गाया जाता है: रोज़ की संध्या आरती और सत्संग में।
मुखड़ा (Hinglish): Mere Ram sahaara ban jaao, mere rom-rom mein ram jaao.
भजन के बोल
मेरे राम सहारा बन जाओ मेरे रोम-रोम मे रम जाओ।
नैया मेरी डगमग डोले।बीच भंवर मे खाए हिचकोले।
हरि आप किनारा बन जाओ मेरे राम सहारा बन जाओ।
मेरे राम…।
इस दुनिया मे कोई नहीं अपना।देखा जग का झुठा सपना।
हरि आप हमारे बन जाओ मेरे राम सहारा बन जाओ।
मेरे राम…।
घर भीतर है घोर अंधेरा।तन भी तेरा मन भी तेरा।
हरि शान कि ज्योत जला जाओ मेरे राम सहारा बन जाओ।
मेरे राम…।
हरि आ जाओ हरि आ जाओ।मेरी बिगड़ी बात बना जाओ।
मेरी नैया पार लगा जाओ मेरे राम सहारा बन जा़।
मेरे राम…।
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