भजन के बारे में

तुलसी और कन्हैया का प्यारा लोक भजन — कन्हैया मंदिर के अंदर से तुलसा को टीका, झुमका और गहने पहनने को बुलाते हैं, पर तुलसा मना करती है कि राधा रानी रूठ जाएँगी।

कब गाया जाता है: तुलसी विवाह, कार्तिक मास, एकादशी और तुलसी पूजा के समय।

मुखड़ा (Hinglish): Mandir andar hai Kanhaiya, baahar khadi Tulsa. Yo to jhaali de rai bulaavai Tulsa.

भजन के बोल

मन्दिर अन्दर है कन्हैया बाहर खड़ी तुलसा।

यो तो झाली दे रै बुलावै तुलसा।

तेरा टीका लाया आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो नोहरे मै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।

यो तो झाली दे रै बुलावै तुलसा।

तेरा झुमका लाया आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो गलिया मै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।

तेरा पैंडल लाया आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो कुएँ पै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।

तेरी तगड़ी लाया आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो सखियां मै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।

तेरी पायल लायो आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो सतसंग मै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।

तेरी साड़ी लायो आजा तुलसा।

जरा पहर के दिखा दे मेरी प्यारी तुलसा।

कोन्या पहरु ओ कन्हैया राधा रुठ जाएगी।

राधा रुठ जाएगी तुलसा सुख जाएगी।

वा तो मन्दिर मै जाके बदनाम करेगी।

मन्दिर अन्दर है…।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *