
मैया सो गई पावँ पसार पसार मेरी
नगरकोट की महारानी।
भवन खड़ी दुनिया दर्शन को।
पान फूल और मेवा परसन को।
काहे दीनी मोहे बिसार बिसार मेरी
नगरकोट की महारानी।
मैया सो गई पावँ💐💐💐💐💐।
शीश मुकुट पर चंदा चमके।
खड़ग हाथों मे तेरे दमके।
तेरा लांगुर भगत अपार अपार मेरी
नगरकोट की महारानी।
मैया सो गई पावँ💐💐💐💐💐।
जल्दी उठो ओ अम्बे मैया।
पार करो दुखियों की नैया।
तुझे कब से रहे पुकार पुकार मेरी
नगरकोट की महारानी।
मैया सो गई पावँ💐💐💐💐💐।
जब मैया ने अखियां खोली।
जोर से सारी दुनिया बोली।
तेरी हो रही जय जयकार जयकार मेरी
नगरकोट की महारानी।
मैया सो गई पावँ💐💐💐💐💐।
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