भजन के बारे में

नाचने-गाने वाला लोकप्रिय लांगुरिया भजन। माता के वीर लांगुर की तुलना लंका में हनुमान जी से की गई है — लांगुर वैसे ही नहाए, खाए, पिए, सोए और झूले जैसे लंका में हनुमान।

कब गाया जाता है: नवरात्रि, माता की जात, जागरण और कैला देवी यात्रा में।

मुखड़ा (Hinglish): Languriya aise dole re jaise Lanka mein dole Hanuman.

भजन के बोल

लांगुरिया ऐसे डोले रे जैसे लंका मे डोले हनुमान।

सोने का गडवा गंगाजल पानी।

लांगुरिया ऐसे नहाए रे जैसे लंका मे नहाए हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

सोने की थाली मे भोजन परोसा।

लांगुरिया ऐसे खाए रे जैसे लंका मे खाए हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

सोने का गडवा गंगाजल पानी।

लांगुरिया ऐसे पीवे रे जैसे लंका मे पीवे हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

फूलों की सेज मोती झालर का तकिया।

लांगुरिया ऐसे सोए रे जैसे लंका मे सोए हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

लौंगा ईलायची का बिड़ा लगाया।

लांगुरिया ऐसे चाबे रे जैसे लंका चाबे हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

रेशम का डोरा चंदन का पलना।

लांगुरिया ऐसे झुले रे जैसे लंका मे झुले हनुमान।

लांगुरिया ऐसे…।

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