
भजन के बारे में
यशोदा मैया की चिंता का ब्रज भजन — किसी ग्वालिन ने मेरे श्याम सलोने पर टोना (नज़र) कर दिया; लाला रो रहा है, दूध-दही-माखन कुछ नहीं खा रहा। मैया राई-नोन से नज़र उतारती हैं।
कब गाया जाता है: जन्माष्टमी, नंदोत्सव और बच्चों के जन्म के गीतों में।
मुखड़ा (Hinglish): Kaun si ne maar diyo ri tona, mero machlo Shyam salona.
भजन के बोल
कौन सी ने मार दियो री टोना,मेरो मचलो श्याम सलोना
मचलो श्याम सलोना सखी री मेरो मचलो श्याम सलोना।
कौन सी…।
भूल गयी मेने दियो ना या के माथे बीच डिठौना।
रोये रोये रुदन करे मेरो लाला तोड़ दियो है खिलौना।
कौन सी…।
मचलो श्याम…।
कौन सी…।
दूध ना पीवे लाला दही ना खावे, लेवे ना माखन लौना
नावे ना धोवे याने सुध बिसराई,मचल गयो रे मेरो छोना।
कौनसी…।
मचलो श्याम…।
कौनसी…।
पहले ही समझाइयो लाल, इन सखियन बीच नाचो ना
वा ग्वालिन की नज़र बुरी है,मार दियो वानै टोना।
कौनसी…।
मचलो श्याम…।
कौनसी…।
राई नॉन उतारो लाला पे,और धर दियो डिठौना।
ठुमक-ठुमक के चले कन्हाई हाथ मे लिये खिलौना।
कौनसी…।
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