जरा इतना बता दो मैया तेरा रंग काला क्यों।

तु काली होकर भी जग से निराली क्यों।

जरा इतना…।

मैंने चण्ड मुण्ड का नाश किया।

और रक्त बीज का रक्त पिया।

दैत्यों का रंग काला इसलिए काली हूँ।

जरा इतना बता…।

मै तो बीच श्मसानो मे रहती हूँ।

और महाकाल कि शक्ति हूँ।

महाकाल का रंग काला इसलिए काली हूँ।

जरा इतना बता…।

मै तो भगतो कि करती हूँ रखवाली।

मिटा घोर घटाएँ सब काली।

घटाओं का रंग काला इसलिए काली हूँ।

जरा इतना बता…।

Categories: Kali Bhajan

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