
जय श्री बालाजी महाराज अनोखी थारी झांकी।
अनोखी थारी झांकी निराली थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे सिर पे मुकुट वाराजे ,कानो मै कुंडल साजे।
बाबा गल वैजयंती माल अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे ननौ मे सुरमा साजे,माथे पे तिलक विराजे।
बाबा मुख मे नागर पान अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे अंग पे चोला साजे,उपर से बरक विराजे।
बाबा रोम-रोम मे राम अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे हाथ मे सोटा साजे,दुजे मे गदा विराजे।
बाबा ह्रदय विराजे राम अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे भोग लाडुवा का लागै,पेड़ा को भोग भी लागै।
बाबा चुरमा कि बौछार अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
जब लक्ष्मण मुर्छित पाये संजीवनी बुटी लाये।
बाबा लाये पहाड़ उठाये अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
सालासर मे जोत विराजे थारी पड़ी नौपता बाजै।
बाबा भक्त करे जयकार अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
थारे दूर से भक्त आवे चरणा मे शीश नवावै।
बाबा संकट दिज्यो टाल अनोखी थारी झांकी।
जय श्री…।
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