हाथ जोड़ के समझाऊ रै भाई दर दर

धक्का खाइयों ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

पहला गुरु रै भाई जननी माता दूजा गुरु 

पिता हो सै।

तीजा गुरु कोई संत शरण हो पार तरन

का ढंग हो सै।

मेरी बात पै गौर करो रै भाई अपनी माँ

नै सताइयो ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

चारों तीर्थ धाम रै भाइयों जननी माँ

के चरणा मै।

जननी माता खुश हो जा तो सभी 

देवता खुश हो जा।

अपनी माँ के मन कि बुझो बेसक गंगा 

नहाइयो ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

एक बार माँ तै प्यार तै बोलो बहुत घनी

खुश हो जाएगी।

इतना आशिर्वाद देवै रै या अमृत सा

बरसावैगी।

कड़वे बोल बोल के रै भाइयों जीवन नरक

बनाइयो ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

कितना हे बेटा बेटी हो जा माँ का सब मै

मोह हो सै।

एक बेटा भी दूर रहवै तो जननी माँ नै

दुख हो सै।

अपनी माँ के मन कि बुझो फेर पाछै 

पछताइयो ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

भाई बाहन तुम मात पिता के चरणों मै

प्रणाम करो।

मात पिता का अपने हृदय मै भाइयों तुम

 ध्यान करो।

अपनी माँ कि सेवा करियो बेसक सतसंग 

जाइयो ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।

हाथ जोड़ के समझाऊ रै भाई दर दर

धक्का खाइयों ना जननी माँ कि सेवा करियो

बेसक ज्योत जलाइयो ना।


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