गोदी मै हे हनुमान ले लिया मैनै मुख तै

रट लई माला।

हे ना बाहन दुसरी ना माँ का जाया बीरा।

जा हे अंजना पानी भर लया बिना नेजु

बिना बाल्टी।

हे इब मरना होगा मेरी जान मरन मै आई।

कुएँ मै तै हे नागन बोली मत रोवै बाहन माँ जाई।

हे तेरा पानी भर दु बिना नेजु बिना बाल्टी।

गोदी मै हे हनुमान💐💐💐💐💐💐💐।

हे ना बाहन दुसरी ना माँ का जाया बीरा।

जा हे अंजना लकड़ी काट लया बिना रस्सी

बिना कुल्हाड़ा।

हे इब मरना होगा मेरी जान मरन मै आई।

जंगल के मै पेडे बोले मत रोवै बाहन माँ जाई।

हे तेरी लकड़ी काट दा बिना रस्सी बिना कुल्हाड़ी।

गोदी मै हे हनुमान💐💐💐💐💐💐💐।

हे ना बाहन दुसरी ना माँ का जाया बीरा।

जा हे अंजना चावल काढ ले बिना ऊखल

 बिना मुसली।

हे इब मरना होगा मेरी जान मरन मै आई।

महला मै तै हे चिडिय़ा बोली मत रोवै

 बाहन माँ जाई।

हे तेरे चावल काढ दु बिना ऊखल बिना मुसली।

गोदी मै हे हनुमान💐💐💐💐💐💐💐।

हे ना बाहन दुसरी ना माँ का जाया बीरा।

अंजना कै हे हनुमान हुया था वा बहुत

 घनी दुख पाई।

जंगल के मै फिरी हे भटकती उनै बण मै कुटिया

बनाई।

सुनलो हे मेरी सारी बाहनो थम करियो मन मै

समाई।

हे थम मालिक रटियो हृदय तै करो भलाई।

गोदी मै हे हनुमान💐💐💐💐💐💐💐।

हे ना बाहन दुसरी ना माँ का जाया बीरा।


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